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``प्यार की आरज़ू -- valentine contest ''

Posted On: 7 Feb, 2011 Others में

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है मेरी आरज़ुओं में ताकत इतनी कि
सब कुछ भूल जाएँ हम तुम यहीं |
फिर ना जाना इस जहां से कहीं
कुछ हम सुनाएँ कुछ तुम कहो अपनी | 

——————————————–

चाँद पर छा रहा मस्त यौवन
सितारें भी हो रहे फ़लक हूर है
जड़ चेतन खड़े रह गए मौन
बहारें मौसम की निशा भी पुरनूर है |

                 ————————————————————-

आओ यहाँ फिर क्यों खड़े मझधार में
हम तुम मिल तराने प्रेम के गुनगुनाएं |
प्यार के सागर की बहती धार में
कुछ तुम बहो औ कुछ हम बहें |

——————————————————-

है बस यही आरज़ू कुछ हम सुनाएँ तो ,
कुछ तुम कहो अपनी है बस यही आरज़ू !
मेरी बहुत ही पुरानी डायरी के पन्नों पर लिखी हुई थीं ये पंक्तियाँ अरसों बाद उस डायरी के पन्ने खुले पंक्तियाँ पढ़ी और बस फिर सोचा क्यों न इस छोटी सी कविता को ही जा. जं. मं. पर पोस्ट कर दिया जाए ! बाल- बच्चे ,बड़े-बूढ़े , पति-पत्नी , युवक-युवती सभी बरबस ही इस प्यार की आरजुओं में खिंचे चले आते हैं…..!
————**************———–

 

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39 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

chaatak के द्वारा
February 9, 2011

अलका जी, अपनी डायरी के इस पन्ने को मंच पर रखने का शुक्रिया| प्रेम पर लिखी गयी ये पंक्तिया बरबस ही अपनी और खींच लेती हैं| इस खूबसूरत वर्णन पर बधाई स्वीकार करें!

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    श्री चातक जी , आप जैसे समालोचक की जब भी कोई प्रतिक्रिया मेरी किसी भी रचना पर मुझे मिलती है तो इस मंच पर हौसला बढ़ता है कुछ लिखने का , इस हौसले को आगे बढाने के लिए आपका बहुत बहुत आभार !

Manish Singh "गमेदिल" के द्वारा
February 8, 2011

ahut sunder rachna…………….

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    मनीष जी , प्रतिक्रिया के लिए आपका हार्दिक आभार !

rajni thakur के द्वारा
February 8, 2011

प्रिय अलका जी, प्रेम के लिए प्रेम से सराबोर पंक्तियाँ बेहद सुन्दर लगीं.

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    रजनी जी , आपने पंक्तियाँ पसंद की प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत आभार !

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 8, 2011

आदरणीया अलका जी, सुन्दर पंक्तियाँ पोस्ट की हैं आपने|अच्छा लगा|

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    वाहिद जी , आप जैसे सुन्दर कवि मन को इस मंच पर यह पंक्तियाँ अच्छी लगी आपकी उत्साहवर्धक अमूल्य प्रतिक्रिया के लिए मेरा हार्दिक शुक्रिया !

R K KHURANA के द्वारा
February 8, 2011

सुश्री अलका जी, पुराणी यादों को बहुत अच्छी अभ्वाक्ति दी है ! सुंदर खुराना

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    श्री खुराना जी , सादर अभिवादन सराहना व प्रोत्साहन के लिए आपका हार्दिक आभार !

Bhagwan Babu के द्वारा
February 8, 2011

दुआ करता हूँ कि आपकी आरजू यूँ ही पूरी हो जाये जैसा आपने अपनी कविता मे लिखा है http://bhagwanbabu.jagranjunction.com/2011/02/07/%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e2%80%93-valentine-contest/

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    भगवान बाबू जी , मेरी आरजू तो यूं ही कितने ही सालों पूर्व पूर्ण हो चुकी हैं और फिर आप सबकी दुआओं से शेष पूरी हो भी रहीं हैं अपने फलते फूलते परिवार के साथ | जीवन में इन दुआओं की तो बहुत जरूरत होती है| बस तो फिर देर किस बात की आइये आप सब भी मेरे साथ और सर्वशक्तिमान ईश्वर से यही प्रार्थना करें आज की भावी युवा पीढ़ी के लिए कि अपने उदात्त प्रेम की भावना से अपनी सभी आरजुओं को पूरा करें बाल ,वृद्ध सभी में प्यार का सागर बहे……..आपके अमूल्य विचारों के लिए आपका हार्दिक आभार

HIMANSHU BHATT के द्वारा
February 8, 2011

प्यार के सागर की बहती धार में कुछ तुम बहो और कुछ हम बहें ………… सुंदर रचना……………………………….. आभार…………………………………….

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    हिमांशु जी , प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत आभार !

Dharmesh Tiwari के द्वारा
February 8, 2011

आदरणीया अल्का गुप्ता जी सादर प्रणाम, डायरी को सुशोभित करती इन सुन्दर पंक्तियों को सब के बिच रखने के लिए, धन्यवाद

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    श्री धर्मेश जी , सादर अभिवादन प्रतिक्रिया के लिए आपका हार्दिक आभार !

roshni के द्वारा
February 8, 2011

बहुत सुंदर रचना अलका जी

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    रोशनी जी , प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत आभार !

abodhbaalak के द्वारा
February 8, 2011

Adarneey Alka ji bas yahi रेक़ुएस्त है आपकी इस रचना को पढने ke baad ki apni dairy se hame barabar….. bahooooooooooooooooooooooooot sundar रचना… कांटेस्ट के लिए शुभकामनाएं http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    श्री अबोध जी , आपकी हर प्रतिक्रिया प्रोत्साहन वाली होती है रचना आपने पढी अच्छी लगी इसके लिए मैं आपका तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ !

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    प्रतिक्रिया के लिए आपका हार्दिक आभार !

rajkamal के द्वारा
February 7, 2011

आदरणीय अलका जी …सादर अभिवादन ! इतने बरसों पहले से ही क्या आप जानती थी की इस मंच पर निशा जी मिलेंगी शायद इसीलिए आपने उनका नाम भी इस कविता में डाल दिया था …. धनुवाद

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    राजकमल जी , देख लिया न आपने मेरी दूरदृष्टि का कमाल ! इतने बरसों पहले ही मुझे अपनी दूरदृष्टि से यह आभास हो गया था कि जीवन की राह पर चलते चलते किसी न किसी मोड़ पर इतना बढ़िया जागरण जंक्शन का मंच मिलेगा विचारों की अभिव्यक्ति के लिए और उस पर निशा जी जैसी आदर्श सखी और बहुत से बुद्धिजीवी ,प्रबुद्ध पाठक व लेखक मिलेंगे ! और हाँ यह ‘ धनुवाद ‘ कौन सा शब्द है ‘धनु’ शब्द तो समझ में आ रहा है लेकिन ‘ धनुवाद’ नहीं आपकी शब्दावली में कहीं यह नया शब्द तो नहीं है कृपया अवगत कराएं ! आपकी बहुमूल्य प्रतिक्रया के लिए मेरा हार्दिक शुक्रिया !

S.M.Masum के द्वारा
February 7, 2011

अच्छी कविता

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    बहुत बहुत आभार !

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
February 7, 2011

खूबसूरत रचना……… हार्दिक बधाई…… व प्रतियोगिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं………

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    पियूष जी , आपको मेरा हार्दिक आभार !

NIKHIL PANDEY के द्वारा
February 7, 2011

अलका जी प्रेम पर एक अर्थपूर्ण रचना के लिए बधाई

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    निखिल जी , प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक धन्यवाद !

Shailesh Kumar Pandey के द्वारा
February 7, 2011

आदरणीय अल्का जी सादर अभिवादन | सुन्दर कविता प्रस्तुत करने के लिए आभार ..

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    शैलेश जी , प्रतिक्रिया के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद !

nishamittal के द्वारा
February 7, 2011

अलका जी,अपनी पुरानी स्मृतियों को सबके साथ आपने साझा किया लेकिन बहुत अच्छी प्रस्तुति.बधाई.

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    निशा जी , प्रतिक्रिया के लिए आपका हार्दिक आभार !

Aakash Tiwaari के द्वारा
February 7, 2011

आदरणीया अल्का जी, बहुत ही अच्छी..और मनभावन कविता…. शुभकामनाओं सहित आकाश तिवारी

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    आकाश जी , सराहना भरी प्रतिक्रिया के लिए आपका में तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ ! आभार

Ramesh bajpai के द्वारा
February 7, 2011

जड़ चेतन खड़े रह गए मौन बहारें मौसम की निशा भी पुरनूर है | आदरणीया अलका बहन ” बहुत खूब , इन सुनहरे अहसासों को यहाँ बाटने के लिए | और ये खूब सूरत भाव बहुत बहुत बधाई | हार्दिक शुभकामनाये “

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    श्री बाजपेयी जी , सादर अभिवादन आप जैसे भाई के आशीर्वाद और प्रोत्साहन की ही अति आवश्यकता है आपका स्नेह ऐसे ही बना रहे बस | आपको मेरा हार्दिक धन्यवाद !

vinitashukla के द्वारा
February 7, 2011

बहुत खूब अलका जी. सुन्दर रचना.

    Alka Gupta के द्वारा
    February 9, 2011

    विनीता जी , बहुत धन्यवाद !


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