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जागृत चेतना शक्ति

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न जाने कब से ज़हन में उतरते ये प्रश्न….
क्या स्वतन्त्र भारत में नारी को मिला पूर्ण सम्मान….?
सदियों से उपेक्षित नारी पा सकी स्वाधिकार…..?
क्या हो सकी रक्षा यहाँ नारी अस्मिता की….?
क्या होगा आधिपत्य भी उसका यहाँ………?
——————————————————————
वसुधा पर जन्मा जिसने वीर पुरुष को
हे नारी ! वह शक्ति तुम ही तो हो …….!
उज्जवल , निर्मल मानसरोवर-सी
स्वगेह का करती संचालन सी |
—————————————————————–
प्रतिबंधों से बाधित तुमने ही तो
दहलीज़ पार कुरीतियों को तोड़ा
जीवन के हर क्षेत्र से अपने को जोड़ा
पग-पग पर विपत्ति से आच्छादित
जीवन को नव-दिशा की ओर मोड़ा !
———————————————————————
अन्तर्निहित आत्मशक्ति को परखो अपने अन्तःचक्षुओं से
नारी ही नहीं तुम तो कोई जागृत चेतना शक्ति हो !
बदल दो युग धारा को तुम ऐसी सूत्रधार बनो
सद्यः करो कोई नव सृजना धूमिल पडी मानव सृष्टि की !
——————————————————————-
सब ओर निरंकुश असुर राज्य
हो रहा विध्वंस सभी कुछ आज |
टूटे खंडहरों पर भी निर्मित करो महल
युवा शक्ति की बनो प्रेरणा भी तुम |
———————————————————————-
खोई सभ्यता संस्कृति का करो प्रचार
औ भरो बाल मन में ऐसे संस्कार
कि न कोई किसी से करे बैर औ न द्वेष
हर बालक बने देश का वीर योद्धा|
———————————————————————-
तुम ही जग की शक्ति व संस्कृति हो
अनुचित परम्पराओं व अत्याचारों में
नहीं जकड़ना तुम्हें अब कभी ऐसा करो
उठो , दो परिचय अब शक्ति का अपनी !
तुम नव सृजनामयी संसार हो………!
नव सृजनामयी संसार हो !!!!

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21 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Preeti Mishra के द्वारा
March 8, 2011

“खोई सभ्यता संस्कृति का करो प्रचार औ भरो बाल मन में ऐसे संस्कार कि न कोई किसी से करे बैर औ न द्वेष हर बालक बने देश का वीर योद्धा|” बहुत अच्छी कविता अलकाजी, बधाई एवं महिला दिवस की भी हार्दिक बधाई.

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    प्रीती जी , हार्दिक आभार ! आपको भी महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !

allrounder के द्वारा
March 7, 2011

अलका जी, नमस्कार एक बार फिर से उत्कृष्ट रचना पर हार्दिक बधाई !

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    सचिन जी , उत्साहवर्धन हेतु प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार !

Harish Bhatt के द्वारा
March 7, 2011

आदरणीय अलका जी सादर प्रणाम, बहुत ही अच्छी रचना के लिए हार्दिक बधाई.

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    भट्ट साहब , आपको मेरा बहुत बहुत आभार !

Dharmesh Tiwari के द्वारा
March 7, 2011

आदरणीया अल्का जी सादर प्रणाम,,,,,,,,,,,,,,,तुम ही जग की शक्ति व संस्कृति हो,अनुचित परम्पराओं व अत्याचारों में नहीं जकड़ना तुम्हें अब कभी ऐसा करो उठो , दो परिचय अब शक्ति का अपनी ! तुम नव सृजनामयी संसार हो………! नव सृजनामयी संसार हो !!!!,,,,,,,,,,,नारी सम्मान में आहवाहन भरी पंक्तियाँ,धन्यवाद!

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    श्री धर्मेश जी, आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए मेरा हार्दिक आभार !

    Hayle के द्वारा
    September 20, 2011

    Thanks for the isnihgt. It brings light into the dark!

Ramesh bajpai के द्वारा
March 7, 2011

उठो , दो परिचय अब शक्ति का अपनी ! तुम नव सृजनामयी संसार हो………! आदरणीया अलका जी अतुल्य चेतना को जाग्रत करती पोस्ट | बधाई

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    March 7, 2011

    आदरणीय अलका जी ….सादर अभिवादन ! आदरणीय वाजपाई जी ….सादर प्रणाम ! जिनकी चेतना जाग्रत होनी चाहिए , क्या वास्तव में वोह इतनी स्वंतन्त्र और जागरूक तथा शिक्षित है ? यद्दपि दिनोदिन फर्क पड़ रहा है ,लेकिन ज्यादा बदलाव में काफी समय लगेगा ….. धन्यवाद

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    श्री बाजपेयी जी, सादर अभिवादन उत्साहवर्धन हेतु आपको मेरा हार्दिक धन्यवाद !

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    राजकमल जी, कविता की प्रथम ४ पंक्तियों में मेरे भी कुछ ऐसे ही अनुत्तरित प्रश्न हैं जिनका जवाब इस स्वतन्त्र भारत में आज तक नहीं मिल पाया………….. यह नारी शक्ति बड़ी ही महान है…. यदि उसे अपनी शक्ति का अहसास हो जाए तो समय पड़ने पर यही नारी रण चंडी का भी रूप धारण करने से पीछे नहीं हटती! नारी उत्थान तो स्वयं उसी के हाथों में है…..नयी क्रान्ति लानी है तो एक जुट होकर सभी को अपनी शक्तियों को पहचानकर अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने गंतव्य तक पहुँचना होगा…… साथ में युवा शक्ति को भी आमंत्रण……..! युवा शक्ति व नारी शक्ति महान ! जय भारत ! प्रतिक्रिया के लिए मेरा हार्दिक आभार !

rachna varma के द्वारा
March 7, 2011

नारी शक्ति का आह्वान करती एक अच्छी कविता आभार आपका !

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    रचना जी , प्रतिक्रिया के लिए आपको मेरा हार्दिक धन्यवाद !

Aakash Tiwaari के द्वारा
March 7, 2011

आदरणीया अलका जी, बहुत ही खूबसूरत रचना… आकाश तिवारी

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    आकाश जी , आपको मेरा तहे दिल से शुक्रिया !

nishamittal के द्वारा
March 7, 2011

नारी की शक्तियों पर प्रकाश डालती तथा सदा सन्मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देती आपको इस अच्छी रचना के लिए बधाई.शुभकामनाएं.

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    निशा जी, प्रतिक्रिया के लिए आपक मेरा हार्दिक धन्यवाद !

vinitashukla के द्वारा
March 7, 2011

नारी की अदम्य शक्ति का आह्वान करती हुई सुन्दर रचना. बधाई.

    Alka Gupta के द्वारा
    March 8, 2011

    विनीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद !


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